ग्रंथसार
लोक-शैली की संपादकीय कथा, फसल कटाई के दिन एक बूढ़े किसान ने जब अपनी पहली बाल हाथ में ली, तो उसे लगा कि वह केवल अनाज नहीं, बल्कि पूरे साल की मेहनत का आशीर्वाद उठा रहा है।
दादी-नानी की कहानियाँ · पाठ 27
सुनहरी फसल