ग्रंथसार
लोक-शैली की संपादकीय कथा: गाँव के किनारे पहाड़ियों पर अपनी भेड़ों को चराने वाला एक लड़का अक्सर शरारत के मूड में रहता था।
दादी-नानी की कहानियाँ · पाठ 28
झूठ बोलने वाला चरवाहा