ग्रंथसार
लोक-शैली की संपादकीय कथा, एक नन्हे बालक ने जंगल में खोए हुए सुनहरे पंख को उठाकर घर के द्वार पर खड़ी बूढ़ी दादी को एक पहेली दी।
दादी-नानी की कहानियाँ · पाठ 39
सुनहरे पंख की पहेली