ग्रंथसार
लोक-शैली की संपादकीय कथा, जब गाँव की स्त्रियाँ चक्की पर अनाज पीसती थीं, तब उनकी लयबद्ध आवाज़ में ही घर की सबसे बड़ी सीख छिपी होती थी।
दादी-नानी की कहानियाँ · पाठ 40
कामगार हाथों का गीत