ग्रंथसार
लोक-शैली की संपादकीय कथा, स्कूल की पुरानी दीवार के पास बैठ कर, माँ ने अपनी बेटी को वह किस्सा सुनाया जो बरसों से गाँव में गूँज रहा था।
दादी-नानी की कहानियाँ · पाठ 46
ईमानदार छात्र और शिक्षक का राज