ग्रंथसार
लोक-शैली की संपादकीय कथा, जंगल के किनारे रहने वाले दर्जी ने जब बाघ को अपनी दुकान पर आते देखा, तो उसने घबराने के बजाय अपनी कैंची उठा ली।
दादी-नानी की कहानियाँ · पाठ 48
बाघ और चतुर दर्जी