ग्रंथसार
लोक-शैली की संपादकीय कथा: एक ठंडी रात को दरवाजे पर आए एक फटे-हाल भिखारी ने एक घमंडी व्यापारी को जीवन का सबसे बड़ा पाठ पढ़ाया।
दादी-नानी की कहानियाँ · पाठ 54
भिखारी जो संत था