ग्रंथसार
लोक-शैली की संपादकीय कथा, एक घर में जब रात को कोई कहानी सुनाने वाला नहीं बचा, तो घर के सबसे छोटे बच्चे ने खुद अपनी दादी की पुरानी यादों को सहेजना शुरू किया।
दादी-नानी की कहानियाँ · पाठ 57
लुप्त होती परंपराओं की गूँज