ग्रंथसार
पहाड़ की ठंडी गोद में छिपा वह गर्म पानी का कुंड, जहाँ की भाप में आज भी पुरानी कहानियाँ तैरती हैं।
दर्शनीय स्थल · पाठ 12
गर्म कुंड और स्नान की परंपरा