ग्रंथसार
सड़क किनारे खड़ी वह पुरानी सराय केवल पत्थरों का ढांचा नहीं, बल्कि उन अनगिनत राहगीरों की सांसों का बसेरा है जो कल भी प्यासे थे और आज भी हैं।
दर्शनीय स्थल · पाठ 14
राजमार्ग के निकट की सराय