ग्रंथसार
साल में एक बार सजने वाला मेले का मैदान, वह जगह है जहाँ पत्थर और मिट्टी की ज़मीन भी लोगों की हंसी और ढोल की थाप से नाचने लगती है।
दर्शनीय स्थल · पाठ 16
मेले का मैदान