ग्रंथसार
नदी के किनारे खड़ा घाट वह स्थान है जहाँ से जीवन नई दिशाओं की ओर बहता है, और जहाँ शाम ढलते ही नौकाओं की वापसी का इंतज़ार होता है।
दर्शनीय स्थल · पाठ 27
घाट की नौका