ग्रंथसार
पहाड़ों की ढलानों पर बिखरी हरियाली और वहां गूंजती बांसुरी की तान सदियों से चरवाहों का घर रही है।
दर्शनीय स्थल · पाठ 32
चरवाहों का ग्रीष्मकालीन चारागाह