ग्रंथसार
जंगल का वह हिस्सा जहाँ सूरज की किरणें भी दबे पाँव चलती हैं और ग्रामीण जिनके पास वहां न जाने की अनगिनत चेतावनीयाँ हैं।
दर्शनीय स्थल · पाठ 34
बाघ की मांद और ग्रामीणों का भय