ग्रंथसार
कस्बे के बाहर बना वह बड़ा सा जलाशय, जो कभी गर्मी की चिलचिलाती दोपहर में पूरे नगर की प्यास बुझाता था।
दर्शनीय स्थल · पाठ 38
नगर का जलाशय