ग्रंथसार
नदी का वह मोड़ जहाँ दिन भर की थकान के बाद गाँव की औरतें अपने दिए जल में उतारती हैं।
दर्शनीय स्थल · पाठ 5
नदी का घाट और संध्या की ज्योत