ग्रंथसार
गाँव के चौपाल और आँगन का वह खुला स्थान जहाँ साल में एक बार पूरा कस्बा सतरंगी सपनों की तरह सिमट आता है।
दर्शनीय स्थल · पाठ 50
मेले का प्रांगण