ग्रंथसार
पुरानी पोथियों की महक और उनमें छिपे अक्षरों का संसार हमें बताता है कि ज्ञान की यह परंपरा सदियों से एक हाथ से दूसरे हाथ तक कैसे पहुँची।
दर्शनीय स्थल · पाठ 57
प्राचीन पुस्तकालय या पांडुलिपि कक्ष