ग्रंथसार
हमारे गाँव की देहरी पर पत्थर की वह छोटी सी मूरत, जो बिना किसी बड़े मंदिर के, बस एक पेड़ की छाँव तले हमारे पूरे घर को अपनी ओट में रखती है।
क्षेत्रीय देवी-देवता · पाठ 1
ग्राम देवता का अर्थ