ग्रंथसार
पीपल या बरगद की ठंडी छाया के नीचे रखा वह पत्थर का टुकड़ा, सदियों से गाँव का मूक साक्षी रहा है।
क्षेत्रीय देवी-देवता · पाठ 15
वृक्ष देवता