ग्रंथसार
ऊंचे शिखरों पर विराजमान पर्वत देवता को केवल पत्थर नहीं, बल्कि उस अडिग धैर्य का प्रतीक माना जाता है जो हर ऋतु में अडिग खड़ा रहता है।
क्षेत्रीय देवी-देवता · पाठ 17
पर्वत देवता