ग्रंथसार
बहती हुई नदी केवल पानी की धारा नहीं, बल्कि गांव की धमनियों में बहता हुआ वह आशीर्वाद है जो जीवन को निरंतरता देता है।
क्षेत्रीय देवी-देवता · पाठ 18
नदी माता