ग्रंथसार
घर की देहरी महज एक पत्थर नहीं, बल्कि उस अदृश्य प्रहरी का वास है जो परिवार की चौखट को संकटों से बचाता है।
क्षेत्रीय देवी-देवता · पाठ 22
देहरी के रक्षक