ग्रंथसार
खेतों में सुनहरी फसल का लहराना मानो फसल की देवी का धरती पर मुस्कुराना है, जिसे हर घर में उत्सव की तरह मनाया जाता है।
क्षेत्रीय देवी-देवता · पाठ 27
फसल की देवी (कटाई का पर्व)