ग्रंथसार
हाथ में भाला और घोड़े पर सवार, लोकनायक की यह प्रतिमा गाँव की चौखट पर वीरता और न्याय का प्रतीक बनकर खड़ी रहती है।
क्षेत्रीय देवी-देवता · पाठ 33
अश्वारोही लोकनायक