ग्रंथसार
गाँव की सरहदों पर बनी वे छोटी सीढ़ियाँ और पत्थर, जिनमें आज भी उस वीर की याद बसती है जिसने अपनी माटी की रक्षा में प्राण दिए।
क्षेत्रीय देवी-देवता · पाठ 34
शहीद का देवत्व