ग्रंथसार
जब लोक देवता किसी का माध्यम चुनकर अपनी बात कहते हैं, तब पूरा गाँव स्तब्ध होकर उस सात्विक आवेश को नमन करता है।
क्षेत्रीय देवी-देवता · पाठ 38
लोक परंपरा में आवेश और दिव्य संचार