ग्रंथसार
वृक्ष की घनी छाँव और उसके नीचे का चबूतरा, जैसे धरती माँ और लोक-देवता का मिलन-बिंदु।
क्षेत्रीय देवी-देवता · पाठ 45
वृक्ष के नीचे बना चबूतरा