ग्रंथसार
पालकी का चलना केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि देवता का अपने लोगों के बीच चलकर आशीर्वाद देने का एक जीवंत उत्सव है।
क्षेत्रीय देवी-देवता · पाठ 47
देवता की पालकी यात्रा