ग्रंथसार
एक नई बहू जब अपने ससुराल की दहलीज पार करती है, तब कुलदेवी का आशीर्वाद उसके नए जीवन का पहला संस्कार बनता है।
क्षेत्रीय देवी-देवता · पाठ 5
कुलदेवी और वधू का प्रथम आगमन