ग्रंथसार
संग्रह
/
लोकगीत
/
पाठ 23
लोकगीत · पाठ 23
परदेसी पति
ग़ाज़ीपुर की बैसवारी लोकगायन परंपरा का पूरा लावनी — विरह गीत।
▶ सुनें
पढ़ें
हिन्दी कथा
सुनें
पढ़ें
परदेसी पति
लोकगीत · पाठ 23
1.2k
0
23
690
510
सुझाव दें
परदेसी पति
लोकगीत · पाठ 23
00:00
--:--
दोहराएँ
1×
गति
टाइमर
सूची
और
आगे सुनें
आगे सुनें