ग्रंथसार
ग़ाज़ीपुर की बैसवारी लोकगायन परंपरा का पूरा सोहनी — भगवान कृष्ण और गोपियों की जल-क्रीड़ा।
लोकगीत · पाठ 48
कान्हा ने गारी दी