ग्रंथसार
घर के कोनों में चमकता तांबे का लोटा केवल एक बर्तन नहीं, बल्कि शुद्धता और निरंतरता की एक जीवंत निशानी है।
लोक कला एवं शिल्प · पाठ 16
तांबे का लोटा