ग्रंथसार
हाथों में खनकती लाख की चूड़ियाँ केवल श्रृंगार नहीं, बल्कि रंग और मिठास की एक पुरानी विरासत हैं।
लोक कला एवं शिल्प · पाठ 19
लाख की चूड़ियाँ