ग्रंथसार
कोहबर की दीवारों पर बने चित्र केवल सजावट नहीं, बल्कि दो परिवारों के मिलन की एक मूक और सुंदर गवाही हैं।
लोक कला एवं शिल्प · पाठ 3
विवाह-कक्ष की भित्ति चित्रकला