ग्रंथसार
नदी के बहते पानी और लकड़ी के ठप्पों के बीच रचे जाते हैं कपड़ों के वो अनूठे संसार जो प्रकृति की गोद से निकलकर हमारे पहनावे का हिस्सा बनते हैं।
लोक कला एवं शिल्प · पाठ 31
ब्लॉक प्रिंटिंग और नदी में धुलाई