ग्रंथसार
हाथों से पिरोई गई हर एक टांक में एक पुरानी कहानी और मेहनत की गर्माहट छिपी होती है।
लोक कला एवं शिल्प · पाठ 38
चर्म शिल्प और उसका सधा हुआ कौशल