ग्रंथसार
बांस की एक साधारण नली में जब कारीगर फूँक मारने की जगह बनाता है, तो प्रकृति खुद गुनगुनाने लगती है।
लोक कला एवं शिल्प · पाठ 40
बांसुरी बनाने वाले का मधुर संसार