ग्रंथसार
शक्ति की आराधना में जब रातें जगमगाती हैं, तब लोक नृत्य भक्ति का दूसरा नाम बन जाते हैं।
लोक कला एवं शिल्प · पाठ 46
देवी रातों के लोक नृत्य