ग्रंथसार
तारों की झंकार और एक गहरी आवाज में सिमटी हुई है हमारे पूर्वजों की गौरवमयी गाथाएं।
लोक कला एवं शिल्प · पाठ 51
तार वाले वाद्य के साथ गाथा गायन