ग्रंथसार
आंगन की दीवारों पर उभरते जीवंत रंग, मानो प्रकृति स्वयं घर के भीतर आ गई हो।
लोक कला एवं शिल्प · पाठ 6
मिथिला की लोक चित्रकला