ग्रंथसार
तुंगभद्रा नदी के तट पर स्थित विरुपाक्ष मंदिर भगवान शिव के उस स्वरूप का प्रतीक है जो अपनी चेतना में संपूर्ण सृष्टि को समाहित किए हुए है।
राज्यवार प्रमुख हिंदू मंदिर एवं तीर्थ · पाठ 57
विरुपाक्ष मंदिर