ग्रंथसार
उत्तर कन्नड़ के तट पर अरब सागर की लहरों के बीच बसा मुरुदेश्वर, भगवान शिव के उस पावन आत्मलिंग का प्रतीक माना जाता है जिसे देवताओं और असुरों के संघर्ष के बीच एक भक्त की भक्ति ने यहीं थाम लिया था।
राज्यवार प्रमुख हिंदू मंदिर एवं तीर्थ · पाठ 58
मुरुदेश्वर: आत्मलिंग की दिव्य अनुकंपा