ग्रंथसार
उत्तर में बद्रीनाथ, दक्षिण में रामेश्वरम, पूर्व में जगन्नाथ पुरी और पश्चिम में द्वारका—चारों दिशाओं में फैली यह पवित्र यात्रा श्रद्धा का एक ऐसा सूत्र है जो भारत को एक माला में पिरोती है।
राज्यवार प्रमुख हिंदू मंदिर एवं तीर्थ · पाठ 66
चार धाम