ग्रंथसार
घर की रौनक जिस बेटी के जाने से कम होती है, उसका लौटकर आना पूरे आंगन में खुशहाली की लहर भर देता है।
त्योहार एवं व्रत · पाठ 11
भाई दूज: तिलक और परिवार-मिलन