ग्रंथसार
देवी को विदा करते समय आँखें भले ही नम हों, लेकिन हृदय में यह विश्वास होता है कि वे फिर लौटेंगी।
त्योहार एवं व्रत · पाठ 24
दुर्गा पूजा और विसर्जन