ग्रंथसार
मशालों की मद्धिम रोशनी में जब कलाकार मंच पर उतरते थे, तो गांव का मैदान ही मानो अयोध्या या दंडकारण्य बन जाता था।
त्योहार एवं व्रत · पाठ 29
नवरात्रि की रामलीला