ग्रंथसार
दहलीज पर चावल के आटे की रेखाएं खींचना केवल कला नहीं, बल्कि घर में आने वाली खुशियों का निमंत्रण है।
त्योहार एवं व्रत · पाठ 3
दीपावली की रंगोली और दीप-सज्जा