ग्रंथसार
आकाश के चंद्रमा के घटने और बढ़ने के साथ हमारे घर की रीतियां भी अपना स्वरूप बदल लेती हैं।
त्योहार एवं व्रत · पाठ 42
पूर्णिमा और अमावस्या के व्रत