ग्रंथसार
व्रत का असली अर्थ भूख सहना नहीं, बल्कि मन की शांति और भीतर के ठहराव को खोजना है।
त्योहार एवं व्रत · पाठ 44
व्रत का अर्थ और स्वास्थ्य-सावधानी